Is Mod Se Jaate Hain

कुछ सुस्त क़दम रस्ते
इस मोड़ से जाते हैं
कुछ सुस्त क़दम रस्ते, कुछ तेज़ क़दम राहें
इस मोड़ से जाते हैं

सहरा की तरफ़ जाकर, इक राह बगोलों में
खो जाती है चकरा कर, इक राह उधड़ती सी
छीलती हुई काँटों से, जंगल से गुजरती है

इक दौड़ के जाती है और कूद के गिरती है
आंजन खलाओं में
इस मोड़ से जाते हैं

उस मोड़ पे बैठा हूँ जिस मोड़ से जाती है
हर एक तरफ राहें
एक रोज़ तो यूँ होगा, इस मोड़ पे आकर तुम
रुक जाओगी, कह दोगी

वो कौन सा रस्ता है?
जिस राह पे जाना है
जिस राह पे जाना है
वो कौन सा रस्ता है?

जिस राह पे जाना है
जिस राह पे जाना है
वो कौन सा रस्ता है?



Credits
Writer(s): Gulzar, Bhupinder Singh
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