Tum Jo Mil Gaye Ho - From "Hanste Zakhm"

तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है
के जहां मिल गया
के जहां मिल गया
एक भटके हुए राही को, कारवां मिल गया

तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है
के जहां मिल गया
के जहां मिल गया

बैठो ना दूर हम से, देखो खफा ना हो
बैठो ना दूर हम से, देखो खफा ना हो
किस्मत से मिल गए हो, मिल के जुदा ना हो
किस्मत से मिल गए हो, मिल के जुदा ना हो
मेरी क्या खता है, होता है ये भी

के जमीं से भी कभी, आसमां मिल गया
के जहां मिल गया

तुम क्या जानो, तुम क्या हो
एक सुरीला नग्मा हो
भीगी रातों में मस्ती, तपते दिन में साया हो
तुम क्या जानो, तुम क्या हो
अब जो आ गए हो, जाने ना दूँगा
के मुझे एक हसीं, मेहरबां मिल गया
के जहां मिल गया

तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है
के जहां मिल गया
के जहां मिल गया

तुम भी थे खोए-खोए, मैं भी बुझा-बुझा
तुम भी थे खोए-खोए, मैं भी बुझा-बुझा
था अजनबी ज़माना, अपना कोई ना था
था अजनबी ज़माना, अपना कोई ना था
दिल को जो मिल गया है, तेरा सहारा
एक नई जिन्दगी का, निशां मिल गया

तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है
के जहां मिल गया
एक भटके हुए राही को, कारवां मिल गया

तुम जो मिल गए हो, तो ये लगता है
के जहां मिल गया
के जहां मिल गया



Credits
Writer(s): Madan Pal, Ravi Pawar, Azim Kaifi
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