Tu Kuja

तू कुजा? मन कुजा? तू कुजा? मन कुजा?
तू कहाँ? मैं कहाँ? तू कहाँ? मैं कहाँ?

कृपादृष्टि मुझ पे भी हो, महाराजा
अनगिनत चिंताओं ने घेरा
आस्था है, जो व्यथा है वो हरेगा तू
सुन मेरी भी, कोई ना मेरा

तू कुजा? मन कुजा? तू कुजा? मन कुजा?
तू कहाँ? मैं कहाँ? तू कहाँ? मैं कहाँ?

है भय भयंकर, पथ में कंकर, महाराजा
मुझ अधम से क्यूँ तूने मुख फेरा?

मैं धरातल से पुकारूँ, हाथ दे अपना
सुन मेरी भी, कोई ना मेरा
निर्धनों का धीर तू है, निर्बलों का बल
सुन मेरी भी, कोई ना मेरा

ओ, मैं जगत में लापता, मेरा तू पता
मैं कहाँ बतला

मैं एकांकी, दे दया की भीख, राजा
है अधर में श्वास भी मेरा

तू कुजा? मन कुजा? तू कुजा? मन कुजा?
तू कहाँ? मैं कहाँ? तू कहाँ? मैं कहाँ?

मैं कहाँ-कहाँ?
मैं कहाँ-कहाँ?

घनघोर हैं अँधियारे, सब रूठे हैं उजियारे
तन टूटे, मन हारे, तन टूटे, मन हारे
क़िस्मत के डूबे तारे, कोई किरण दिखला रे
हैं सूने पथ सारे, हैं सूने पथ सारे

मैं एकांकी, दे दया की भीख, राजा
क्या तुझे आभास भी मेरा?

तू कुजा? मन कुजा? तू कुजा? मन कुजा?
हो-हो, तू कहाँ? मैं कहाँ? तू कहाँ?



Credits
Writer(s): A. R. Rahman, Irshad Kamil
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