Tumhari Aarzoo

तुम्हारी आरज़ू के साए में दर्द पलता है
ये कैसा प्यार है?
आँखें नम हैं, क्यूँ दिल जलता है?

तुम्हारी आरज़ू के साए में दर्द पलता है
ये कैसा प्यार है?
आँखें नम हैं, क्यूँ दिल जलता है?

ख्वाहिशें, या है जुनूँ
दिल को कुछ भी समझ आए ना
तुम्हारी आरज़ू के साए में दर्द पलता है

चाहा तुझे, सोचा तुझे
दिल में बसाया तुझे
जज़्बात की हर शाख़ पर
खुशबू से लिखा तुझे

ओ, बेख़बर तूने मगर
अपना ना समझा मुझे
दिलबर, तेरी ये बेखुदी
जाँ कहीं मेरी ले जाए ना

तुम्हारी आरज़ू के साए में दर्द पलता है
ये कैसा प्यार है?
आँखें नम हैं, क्यूँ दिल जलता है?



Credits
Writer(s): Basant Chaudhary, Shushant, Shankar
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