Awaaz Di Hai

आ...
आ.
आ.
आवाज़ दी है आज इक नज़र ने
या है ये दिल को गुमान
दोहरा रही हैं जैसे फ़ज़ाएँ
भूली हुई दास्तां
आवाज़ दी है आज इक नज़र ने
या है ये दिल को गुमान
दोहरा रही हैं जैसे फ़ज़ाएँ
भूली हुई दास्तां

आ.
आ.
लौट आई हैं फिर रूठी बहारें
कितना हसीं है समां
दुनिया से कह दो ना हम को पुकारे
हम खो गए हैं यहाँ
लौट आई हैं फिर रूठी बहारें
कितना हसीं है समां
दुनिया से कह दो ना हम को पुकारे
हम खो गए हैं यहाँ

जीवन में कितनी वीरानियां थी
छाई थी कैसी उदासी
सुनकर किसी के कदमों की आहट
हलचल हुई है जरा सी
जीवन में कितनी वीरानियां थी
छाई थी कैसी उदासी
सुनकर किसी के कदमों की आहट
हलचल हुई है जरा सी
सागर में जैसे लहरें उठी हैं
टूटी हैं खामोशियाँ
दोहरा रही हैं जैसे फ़ज़ाएँ
भूली हुई दास्तां

तूफ़ान में खोईं कश्ती को आख़िर
मिल ही गया फिर किनारा
हम छोड़ आये ख़्वाबों की दुनिया
दिल ने तेरे जब पुकारा
तूफ़ान में खोईं कश्ती को आख़िर
मिल ही गया फिर किनारा
हम छोड़ आये ख़्वाबों की दुनिया
दिल ने तेरे जब पुकारा
कब से खड़ी थी बाहें पसारे
इस दिल की तनहाईयाँ
दुनिया से कह दो ना हम को पुकारे
हम खो गए हैं यहाँ

अब याद आया कितना अधूरा
अब तक था दिल का फ़साना
यूँ पास आ के, दिल में समा के
दामन ना हम से छुड़ाना
अब याद आया कितना अधूरा
अब तक था दिल का फ़साना
यूँ पास आ के, दिल में समा के
दामन ना हम से छुड़ाना
जिन रास्तों पर तेरे कदम हो
मंज़िल है मेरी वहाँ
दुनिया से कह दो ना हम को पुकारे
हम खो गए हैं यहाँ
लौट आई हैं फिर रूठी बहारें
कितना हसीं है समां
दुनिया से कह दो ना हम को पुकारे
हम खो गए हैं यहाँ



Credits
Writer(s): Bappi Lahiri, Hasan Kamal
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