Main Agar

मैं अगर सितारों से चुरा के लाऊँ रोशनी
हवाओं से चुरा के लाऊँ रागिनी
ना पूरी हो सकेगी उनसे मगर तेरी कमी

मैं अगर नज़ारों से चुरा के लाऊँ रंगते
मज़ारों से चुरा के लाऊँ बरक़तें
ना पूरी हो सकेगी उनसे मगर तेरी कमी

ये दुनिया परायी है, बस एक अपना है तू
जो सच हो मेरा वो सवेरे का सपना है तू
देखूँगा तेरा रास्ता
हो कुछ तुझे बस ख़ुदा-न-ख़्वास्ता

हो, तेरे बिना उम्र के सफ़र में बड़ा ही तनहा हूँ मैं
रफ़्तार जो वक़्त की पकड़ ना सके वो लमहा हूँ मैं

फ़ागुन के महीने तेरे बिना है फीके
जो तू नहीं तो सारे सावन मेरे सूखे

मैं अगर किताबों से चुरा के लाऊँ क़ायदे
हिसाबों से चुरा के लाऊँ फ़ायदे
ना पूरी हो सकेगी उनसे मगर तेरी कमी

मैं अगर सितारों से चुरा के लाऊँ रोशनी
हवाओं से चुरा के लाऊँ रागिनी
ना पूरी हो सकेगी उनसे मगर तेरी कमी

ये दुनिया परायी है, बस एक अपना है तू
जो सच हो मेरा वो सवेरे का सपना है तू
देखूँगा तेरा रास्ता
हो कुछ तुझे बस ख़ुदा-न-ख़्वास्ता

ख़्वास्ता
ख़ुदा-न-ख़्वास्ता
ख़ुदा-न-ख़्वास्ता



Credits
Writer(s): Pritam Chakraborty, Amitabh Bhattacharya
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