Mat Aazma Re (From "Murder 3")

मत आज़मा रे, फिर से बुला रे
अपना बना ले, हूँ बेक़रार
तुझको ही चाहा, दिल है ये करता
आ बेतहाशा तुझसे ही प्यार

हसरतें बार-बार बार-बार यार की करो
ख्वाहिशे बार-बार बार-बार यार की करो
चाहतें बार-बार बार-बार यार की करो
मन्नतें बार-बार बार-बार यार की करो

हम ज़ार ज़ार रोते हैं
खुद से खफा भी होते हैं
हम ये पहले क्यूँ ना समझे तुम फकत मेरे

दिल का क़रार खोते हैं
कहाँ चैन से भी सोते हैं
हमने दिल मे क्यूँ बिच्छाए शक़ ये गहरे

हसरतें बार-बार बार-बार यार की करो
ख्वाहिशे बार-बार बार-बार यार की करो
चाहतें बार-बार बार-बार यार की करो
मन्नतें बार-बार बार-बार यार की करो

तेरे ही ख्वाब देखना, तेरी ही राह ताकना
तेरे ही वास्ते है मेरी हर वफ़ा
तेरी ही बात सोचना, तेरी ही याद ओढना
तेरे ही वास्ते है मेरी हर दुआ

तेरा ही साथ माँगना, तेरी ही बाह थामना
मुझे जाना नही कहीं तेरे बिना
तू मुझसे फिर ना रूठना
कभी कहीं ना छूटना
मेरा कोई नही यहाँ तेरे सिवा

हसरतें बार-बार बार-बार यार की करो
ख्वाहिशे बार-बार बार-बार यार की करो
चाहतें बार-बार बार-बार यार की करो
मन्नतें बार-बार बार-बार यार की करो



Credits
Writer(s): Sayeed Quadri, Pritam Chakraborty
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