Tu Hi Meri Shab Hai, Pt. 1

तू ही मेरी शब है सुबह है
तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है जहां है
तू ही मेरी दुनिया
तू वक़्त मेरे लिए
मैं हूँ तेरा लम्हां
कैसे रहेगा भला
हो के तु मुझसे जुदा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

तू ही मेरी शब है सुबह है
तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है जहां है
तू ही मेरी दुनिया
तू वक़्त मेरे लिए
मैं हूँ तेरा लम्हां
कैसे रहेगा भला
हो के तु मुझसे जुदा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

आँखों से पढ़ के तुझे
दिल पे मैंने लिखा
तु बन गया है मेरे
जीने की एक वजह
आँखों से पढ़ के तुझे
दिल पे मैंने लिखा
तु बन गया है मेरे
जीने की एक वजह
तेरी हँसी तेरी अदा
औरों से है बिलकुल जुदा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

आँखें तेरी शबनमी
चेहरा तेरा आईना
तु है उदासी भरी
कोई हसीं दास्ताँ
आँखें तेरी शबनमी
चेहरा तेरा आईना
तु है उदासी भरी
कोई हसीं दास्ताँ
दिल में है क्या
कुछ तो बता
क्यों है भला खुद से खफा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ (तू ही दिन है मेरा, तू ही मेरी दुनिया)
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ (तू ही दिन है मेरा, तू ही मेरी दुनिया)

तू ही मेरी शब है सुबह है
तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है जहां है
तू ही मेरी दुनिया
तू वक़्त मेरे लिए
मैं हूँ तेरा लम्हां
कैसे रहेगा भला
हो के तु मुझसे जुदा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ



Credits
Writer(s): Sayeed Quadri, Pritaam Chakraborty
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