Khoya Khoya Chand Khula Aasman (From "Kala Bazar")

खोया-खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जाएगी
तुम को भी कैसे नींद आएगी

खोया-खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जाएगी
तुम को भी कैसे नींद आएगी?
हो-हो, खोया-खोया चाँद...

मस्ती भरी हवा जो चली
मस्ती भरी हवा जो चली
खिल-खिल गई ये दिल की कली
मन की गली में है ये खलबली के उन को तो बुलाओ

खोया-खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जाएगी
तुम को भी कैसे नींद आएगी?
हो-हो, खोया-खोया चाँद...

तारे चले, नज़ारे चले
तारे चले, नज़ारे चले
संग-संग मेरे वो सारे चले
चारों तरफ़ इशारे चलें "किसी के तो हो जाओ"

खोया-खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जाएगी
तुम को भी कैसे नींद आएगी?
हो-हो, खोया-खोया चाँद...

ऐसी ही रात, भीगी सी रात
ऐसी ही रात, भीगी सी रात
हाथों में हाथ, होते वो साथ
कह लेते उन से दिल की ये बात "अब तो ना सताओ"

खोया-खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जाएगी
तुम को भी कैसे नींद आएगी?
हो-हो, खोया-खोया चाँद...

हम मिट चले जिन के लिए
हम मिट चले हैं जिन के लिए
बिन कुछ कहे वो चुप-चुप रहें
कोई ज़रा ये उन से कहे "ना ऐसे आज़माओ"

खोया-खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जाएगी
तुम को भी कैसे नींद आएगी?
हो-हो, खोया-खोया चाँद...

खोया-खोया चाँद
खोया-खोया चाँद
खोया-खोया चाँद
खोया-खोया चाँद
खोया-खोया...



Credits
Writer(s): S.d. Burman, Shailendra
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