Sawaaar Loon Unplugged

हवा के झोंके आज मौसमों से रूठ गये
गुलों की शोखियां जो भंवरे आके लूट गये
बदल रही है आज ज़िंदगी की चाल ज़रा
इसी बहाने क्यूँ ना मैं भी दिल का हाल ज़रा
सँवार लूँ सँवार लूँ
सँवार लूँ हाए सँवार लूँ

बरामदे पुराने हैं, नयी सी धूप है
जो पलके खटखटा रहा है किसका रूप है

बरामदे पुराने हैं, नयी सी धूप है
जो पलके खटखटा रहा है किसका रूप है
शरारातें करे जो ऐसे भूलके हिजाब
कैसे उसको नाम से, मैं पुकार लूँ
सँवार लूँ सँवार लूँ
सँवार लूँ हाए सँवार लूँ

यह सारी कोयलें बनी है आज डाकियाँ
कूहु-कूहु में चिठ्ठियाँ पढ़े मज़ाकियाँ

यह सारी कोयलें बनी है आज डाकियाँ
कूहु-कूहु में चिठ्ठियाँ पढ़े मज़ाकियाँ
इन्हे कहो की ना छुपाये
किसने है लिखा बताये
उसकी आज मैं नज़र उतार लूँ
सँवार लूँ हाए सँवार लूँ
सँवार लूँ सँवार लूँ

हवा के झोंके आज मौसमों से रूठ गये
गुलों की शोखियां जो भंवरे आके लूट गये
बदल रही है आज ज़िंदगी की चाल ज़रा
इसी बहाने क्यूँ ना मैं भी दिल का हाल ज़रा
सँवार लूँ सँवार लूँ
सँवार लूँ हाए सँवार लूँ



Credits
Writer(s): Amit Trivedi, Amitabh Bhattacharya
Lyrics powered by www.musixmatch.com

Link