Chhadi Re Chhadi

छड़ी रे छड़ी कैसी गले में पड़ी × 2
पैरो की बेडी कभी लगे हथकड़ी
छड़ी रे छड़ी कैसी गले में पड़ी × 2
सीधे सीधे रास्तों को थोडा सा मोड़ दे दो.ओ
सीधे सीधे रास्तो को थोडा सा मोड़ दे दो
बेजोड़ रूहो को हल्का सा जोड़ दे दो
जोड़ दो ना टूट जाये साँसों की लड़ी × 2
छड़ी रे छड़ी कैसी गले में पड़ी × 2
छड़ी रे छड़ी कैसी गले में पड़ी × 2
पैरो की बेडी कभी लगे हथकड़ी
छड़ी रे छड़ी कैसी गले में पड़ी × 2
धीरे धीरे चलना सपने नींदों में डर जाते है... ओ
धीरे धीरे चलना सपने नींदों में डर जाते है
कहते है सपने कभी दोगे तो मर जाते है
नींद से ना जागे कोई ख्वाबो की लड़ी × 2
छड़ी रे छड़ी कैसी गले में पड़ी × 2
लगता है साँसों में टूटा है कांच कोई... ओ
लगता है साँसों में टूटा है कांच कोई
चुभती है सीने में धीमी सी आंच कोई
आँचल से बाँध ली है आग की लड़ी × 2
छड़ी रे छड़ी कैसी गले में पड़ी × 2
पैरो की बेडी कभी लगे हथकड़ी
छड़ी रे छड़ी कैसे गले में पड़ी × 4



Credits
Writer(s): GULZAR, MADAN MOHAN
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