Manmeet Mere

मैं जब भी देखूँ आगे
ना देखूँ कुछ तेरे आगे
मैं जब भी सोचूँ आगे
ना सोचूँ तेरे आगे
कुछ तो बात आगे बढ़ी है
जो राहों स रहें जुड़ी है

मनमीत मेरे, मनमीत मेरे
मनमीत मेरे, मनमीत मेरे

परेशान जितना भी मन हो
दिनभर की जो भी उलझन हो

परेशान जितना भी मन हो
दिनभर की जो भी उलझन हो
मिलते ही शाम जो तू हँस दे
फिर दूर सारी थकन हो
हँसते-हँसते बीते घड़ी है
दुनिया की हमें ना पड़ी है

मनमीत मेरे, मनमीत मेरे
मनमीत मेरे, मनमीत मेरे

हर राह में पास हम हो
१ साथ अपने कदम हो

हर राह में पास हम हो
१ साथ अपने कदम हो
जब तक चलें अपनी साँसें
ये यारियाँ खत्म ना हो
खुशियों की ये कैसी लड़ी है?
यारों यारी प्यारी बड़ी है

मनमीत मेरे, मनमीत मेरे
मनमीत मेरे, मनमीत मेरे



Credits
Writer(s): Shabbir Ahmed, Ankit Pandey
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