Halka Halka

अंदाज़ तेरे बाँके, ना जानूँ हैं कहाँ के
अंदाज़ तेरे बाँके, ना जानूँ हैं कहाँ के
आज भी नई लगे तेरी हर अदा
छलका-छलका जो हुस्न तेरा

हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा

तू क्या हैं और क्या देखे?
कोई तुझसे ही ये सीखे
दिल में क्या है तेरे मुझे है पता
ढलका-ढलका जो आँचल मेरा

हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा

हो, तुम जो कहती हो
हो मेरी तुम, सिर्फ़ मेरी हो
तो मेरा मन झूम जाता हैं
मेरा मन झूम, झूम, झूम जाता हैं

हो, तुम जो कहते हो
मेरे ही तुम बन के रहते हो
तो मेरा मन गीत गाता है
मेरा मन गीत, कोई गीत गाता है

अंदाज़ तेरे बाँके, ना जानूँ हैं कहाँ के
आज भी नई लगे तेरी हर अदा
छलका-छलका जो हुस्न तेरा

हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा

हो, बातें अधूरी होंगी पूरी
अब ना रहेगी कोई दूरी बात मान ले
मैं मुलाज़िम हूँ तेरा इतना जान ले

हो, जाने ना दूँगी और तुम्हें तड़पाने ना दूँगी
जान के अंजान क्यूँ बने?
सायबा प्यार से ही बात ये बने

मेरे दिल में तू ही तू हैं, ऐसा तेरा जादू है
मेरी साँसों में घुला नाम है तेरा
ढलका-ढलका जो आँचल मेरा

हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा



Credits
Writer(s): Ram Sampath, Javed Akhtar
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