Jhalli Patakha

पगली पगली पगली पगली पगली मैं झल्ली
आसमान में उड़ने चली पानी की मछली
दुनिया की फिकर ना मुझे है कोई परवाह
अपने दिल की रानी हूँ चाहे जेब की कंगली
अरे हट जा राहों से कट जा
अरे तू मेरे आड़े मत आ रे

मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
हे...

मुझको क्या पता ख़्वाब कैसे होते हैं
हम तो आज को ही ख़्वाब जैसे जीते हैं
इधर उधर घूमूं मैं मत समझो हूँ तितली
मारूंगी पंजा खूंखार हूँ बिल्ली
सौ सौ पे भारी पडूँ एक एकेली
अरे एक एकेली
अरे अरे एक एकेली

मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
ओये

आवारा हवा हूँ मैं ना हाथ आउंगी
जाउंगी जहाँ वहां सबको झुकाऊँगी
चाहे आएं मुश्किलें मैं तो ना डारूंगी
जो भी मेरा मन कहे बस मन की करुँगी
चुटकी में कर दूंगी धमाका तना टाउ

झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा
पटाखा...

मैं झल्ली पटाखा
अरे मैं झल्ली पटाखा हूँ
पटाखा हूँ पटाखा
मैं झल्ली पटाखा हूँ पटाखा



Credits
Writer(s): Swanand Kirkire, Santhosh Narayanan
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