Kahan Gaya Bedardi Man Ko Tadapa Ke

कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
दिल का चैन चुरा के, मन को तड़पा के
दिल का चैन चुरा के...

कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
दिल का चैन चुरा के, मुझ को तरसा के
दिल का चैन चुरा के...

तेरे मिलन के सपने झूठे, झूठी तेरी क़समें हैं
तेरे मिलन के सपने झूठे, झूठी तेरी क़समें हैं
झूठे प्यार के सब रिश्ते हैं, झूठी वफ़ा की रस्में हैं

झूठी आस बँधा के
कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
दिल का चैन चुरा के, मन को तड़पा के
कहाँ गया बेदर्दी...

मेरे दिल में प्यार बसा के, प्यार भरा दिल तोड़ चला
मेरे दिल में प्यार बसा के, प्यार भरा दिल तोड़ चला
लुट के मेरे प्यार की दुनिया, मुझ को तड़पता छोड़ चला

दामन मुझ से बचा के
कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
दिल का चैन चुरा के, मुझ को तरसा के
दिल का चैन चुरा के...

बिन आहट के जाने कब वो दिल का शीशा तोड़ गया
बिन आहट के जाने कब वो दिल का शीशा तोड़ गया
ग़म से भिगा हर मौसम वो मेरे लिए ही छोड़ गया

ग़म इशरत का बढ़ा के
कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
दिल का चैन चुरा के, मन को तड़पा के
कहाँ गया बेदर्दी...

माँगी थी थोड़ी सी मोहब्बत हम ने मोहब्बत के बदले
माँगी थी थोड़ी सी मोहब्बत हम ने मोहब्बत के बदले
दर्द, जलन, आँसू और आहें दे गया चाहत के बदले

हारे दिल को लगा के
कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?

कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
दिल का चैन चुरा के, मुझ को तरसा के
दिल का चैन चुरा के, मन को तड़पा के

कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
दिल का चैन चुरा के, मन को तड़पा के
कहाँ गया बेदर्दी मन को तड़पा के?
दिल का चैन चुरा के...



Credits
Writer(s): Nikhil-vinay, Bhushan Dua
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