Dilruba O Phoolon Jaisi

दिलरुबा, ओ फूलों जैसी दिलरुबा चमन महका दिया
सपना अपना अब पूरा हुआ
तूने जान-ए-वफ़ा जो ये तोहफ़ा दिया
तो खुशी से मैं पागल प्रिया हो गया

हाए, दिलरुबा, ओ फूलों जैसी दिलरुबा चमन महका दिया
सपना अपना अब पूरा हुआ
तूने जान-ए-वफ़ा जो ये तोहफ़ा दिया
तो खुशी से मैं पागल प्रिया हो गया

Hey, क्यूँ शरमाती है? क्यूँ मुस्काती है? क्यूँ झुकी है नज़र?
दहके है गाल, बहकी हैं चाल क्यूँ ऐ जान-ए-जिगर?
अरे, क्यूँ शरमाती है? क्यूँ मुस्काती है? क्यूँ झुकी है नज़र?
दहके है गाल, बहकी हैं चाल क्यूँ ऐ जान-ए-जिगर?

तेरे प्यार का है सजना ये असर
जो हुआ है मुझे, वो तुझे है ख़बर
कुछ ना कहकर भी सब मेरी जाँ कह दिया

हाए, दिलरुबा, ओ फूलों जैसी दिलरुबा चमन महका दिया
सपना अपना अब पूरा हुआ
तूने जान-ए-वफ़ा जो ये तोहफ़ा दिया
तो खुशी से मैं पागल प्रिया हो गया

उड़ कर जाऊँगा, तारे लाऊँगा, तेरा आँचल भरूँ
तेरी चाहों में, तेरी बाँहों में मैं जियूँ, मैं मरूँ
अरे, उड़ कर जाऊँगा, तारे लाऊँगा, तेरा आँचल भरूँ
ओ, तेरी चाहों में, तेरी बाँहों में मैं जियूँ, मैं मरूँ

तुझे दिल में बिठा कर पूजा करूँ
जितने हो जनम तेरे साथ रहूँ
रहें जन्मों जनम का सनम सिलसिला

हाए, दिलरुबा, ओ फूलों जैसी दिलरुबा चमन महका दिया
सपना अपना अब पूरा हुआ
तूने जान-ए-वफ़ा जो ये तोहफ़ा दिया
तो खुशी से मैं पागल प्रिया हो गया



Credits
Writer(s): Maya Govind, Vijay Shah
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