Subh Sukh Chain

शुभ सुख चैन की बरखा बरसे, भारत भाग है जागा
पंजाब, सिन्ध, गुजरात, मराठा, द्राविड़ उत्कल बंगा
चंचल सागर, विन्ध्य, हिमालय, नीला यमुना गंगा
तेरे नित गुण गाएँ, तुझसे जीवन पाएँ
हर तन पाए आशा।
सूरज बन कर जग पर चमके, भारत नाम सुभागा,
जए हो! जए हो! जए हो! जए जए जए जए हो!॥

सब के दिल में प्रीत बसाए तेरी मीठी वाणी,
हर सूबे के रहनेवाले, हर मज़हब के प्राणी,
सब भेद और फरक मिटा के,
सब गोद में तेरी आके,
गूँथे प्रेम की माला।
सूरज बनकर जग पर चमके, भारत नाम सुभागा,
जए हो! जए हो! जए हो! जए जए जए जए हो!॥

शुभ सवेरे पंख पखेरे, तेरे ही गुण गाएँ,
बास भरी भरपूर हवाएँ, जीवन में रुत लाएँ,
सब मिल कर हिन्द पुकारे, जय आज़ाद हिन्द के नारे।
प्यारा देश हमारा।
सूरज बन कर जग पर चमके, भारत नाम सुभागा,
जए हो! जए हो! जए हो! जए जए जए जए हो!॥



Credits
Writer(s): Mumtaz Hussain, Captain Ram Singh Thakuri, Colonel Abid Hassan Saffrani
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