Bahut Khoobsurat - From "Vadh"

बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
अगर हो इनायत
ऐ जान-ए-मोहब्बत
बना दीजिए इनको किस्मत हमारी

बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी

जो सबसे जुदा है, वो अंदाज़ हो तुम
छुपा था जो दिल में, वो ही राज़ हो तुम

जो सबसे जुदा है, वो अंदाज़ हो तुम
छुपा था जो दिल में, वो ही राज़ हो तुम
तुम्हारी नज़ाकत, बनी जबसे चाहत
सुकूँ बन गई है हर इक बेक़रारी

बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी

न थे जब तलक तुम, हमारी नज़र में
न था चाँद शब में, न सूरज सहर में

न थे जब तलक तुम, हमारी नज़र में
न था चाँद शब में, न सूरज सहर में
तुम्हारी इजाज़त तुम्हारी हुकूमत
ये सारा गगन है, ये धरती है सारी

बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी

अगर हो इनायत
ऐ जान-ए-मोहब्बत
बना दीजिए इनको किस्मत हमारी

बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी
बहुत ख़ूबसूरत हैं आँखें तुम्हारी



Credits
Writer(s): Fazli Nida, Shekhar Vishal
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