Ae Hawa

हृदय में ये गूँज जले
प्राण ये राख से हो गए

पाखियों से पूछो, भँवरों से पूछो
फूलों पे थिरकती तितलियों से पूछो
मैंने तो ना की है ये ख़ता
ऐ हवा, तू उनको दे बता

शाख़ों से पूछो, टहनियों से पूछो
झूलती-बहकती डालियों से पूछो
मैंने तो ना की है ये ख़ता
ऐ हवा, तू उनको दे बता

पूछो ज़रा ना बादलों से, बिजलियों से भी
पूछो ज़रा ना कूकती सी कोयलों से भी
हाँ, बताएँगी ये जंगलों की खुशबुएँ
बेक़सूर हूँ मैं, मेरी कुछ ख़ता नहीं
पूछो ना सब से

अपने दिल से पूछो, यादों से पूछो
आँखों में छलकते आँसुओं से पूछो
मैंने तो ना की है ये ख़ता
ऐ हवा, तू उनको दे बता

साँसों से पूछो, धड़कनों से पूछो
इन लबों से निकले लफ़्ज़ों से पूछो
मैंने तो ना की है ये ख़ता
ऐ हवा, तू उनको दे बता

तू जो ख़फ़ा-ख़फ़ा हो दे रही मुझे सज़ा
क्यूँ ना खुद ही मान अपने दिल की इल्तिजा
क्यूँ ना कर दे माफ़ तू मुझे ज़रा बता
क्या यही है मेरे इस नसीब में बता
पूछो ना खुद से, पूछो ना खुद से



Credits
Writer(s): Swanand Kirkire, Shantanu Moitra
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