Hum Dum

हो, मेहरबाँ, देखा है तुझे पहली दफ़ा
हो, मेहरबाँ, देखूँ मैं तुझे १०० मर्तबा

पलकों में क़ैद होके
रह जाओ तुम मुझी में, ओ, यारम

रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?
रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?
इन आँखों में, इन बातों में सुनता हूँ कोई सरगम
रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?

क़तरों की प्यास थी, सागर मुझे मिल गया
सूरज की परतें खुली, अँधेरा छन गया

ਸੌਂਹ ਰੱਬ ਦੀ, ਤੇਰਾ ਹੋ ਗਿਆ ਵੇ
ਸੌਂਹ ਰੱਬ ਦੀ, ਦਿਲ ਖੋ ਗਿਆ ਵੇ
लम्हों का नहीं संगम

पलकों में क़ैद होके
रह जाओ तुम मुझी में, ओ, यारम

रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?
रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?
इन आँखों में, इन बातों में सुनता हूँ कोई सरगम
रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?

(ओ, रब्बा)
(ओ, रब्बा)

हो, मेहरबाँ, जीने के लिए काफ़ी है तू
हो, मेहरबाँ, थोड़ा सा मैं हूँ, बाक़ी है तू

रहना तो है कहीं पे
रह जाओ तुम मुझी में, ओ, यारम

रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?
रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?
इन आँखों में, इन बातों में सुनता हूँ कोई सरगम
रब्बा, इसे कह दूँ क्या मेरा हमदम, हमदम?



Credits
Writer(s): Kunwar Juneja, Gourov Dasgupta
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