Victory at Lords

तेरी मोहब्बत में वतन आसाँ है हर इम्तिहाँ
तेरे दीवानों ने मिल कर लो चुका दिया आसमाँ
तेरी इबादत में वतन मुमकिन है हर इम्तिहाँ
तेरे दीवानों ने तुझ पर लो लुटा दिया ये जहाँ

जब तक है हम में दम, तुझ पे फ़िदा, ऐ वतन

लहरा दो, लहरा दो, लहरा दो, लहरा दो
लहरा दो, लहरा दो, लहरा दो, लहरा दो...

नाम वतन, पहचान वतन
नहीं तेरे सिवा कोई और (कोई और)
जाऊँ मैं जहाँ तुझ को चाहूँ
तेरे नाम चारो ओर (चारो ओर)



Credits
Writer(s): Pritam, Dhananjaya Ranjan
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