Gaya Gaya Gaya

गया गया गया, दिल यह गया
कैसे हुआ यह बता
हुआ हुआ हुआ, यह तो हुआ
नज़रों से तेरी ज़िब्ह

तेरी साँसों ने छू कर जो ज़ख्म दिए
कैसे वो होंगे शिफ़ा
मेरे घाव से रिसता टपकता सा ख़ून
कहता तुझे शुक्रिया

घायल किया तूने मेरा दिल
मेरा दिल, मेरी जान, मेरी रूह
मरहम दिया तूने संगदिल
मुझको मेरे जिगर का लहू

गया गया गया, दिल यह गया
कैसे हुआ यह बता
हुआ हुआ हुआ, यह तो हुआ
नज़रों से तेरी ज़िब्ह

लब यह तेरे खंजर से है
बातें तीखी-तीखी, ज़हर सरीखी
थोड़ी आकी-बाकी तलवार सी
चुभती है मुझे, डसती है मुझे
काटती है एक औज़ार सी

बांधे टकटकी
मैं तो लूटी-पिटी
यूँ ही मर-मिटी बेज़ार सी
आज मैं तो सकून से
हाँ, बेखौफ हो गई फना

घायल किया तूने मेरा दिल
मेरा दिल, मेरी जान, मेरी रूह
मरहम दिया तूने संगदिल
मुझको मेरे जिगर का लहू

गया गया गया, दिल यह गया
कैसे हुआ यह बता
हुआ हुआ हुआ, यह तो हुआ
नज़रों से तेरी ज़िब्ह

गया गया गया, दिल यह गया
कैसे हुआ यह बता



Credits
Writer(s): Amit Trivedi, Swanand Kirkire
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