Tu Hi Haqeeqat

तू ही हक़ीक़त, खाब तू
दरिया तू ही, प्यास तू
तू ही दिल की बेकरारी
तू सुकूं, तू सुकूं
जाऊं मैं अब-जब जिस जग़ह
पाऊं मैं तुझको उस जग़ह
साथ होके ना हो तू है रुबरू, रुबरू

तू हमसफ़र
तू हमकदम
तू हमनवा मेरा
तू हमसफ़र
तू हमकदम
तू हमनवा मेरा

आ तुझे इन बाहों में भरके और भी कर लूँ मैं करीब
तू जुदा हो, तो लगे हैं आता-जाता हर पल अज़ीब
इस जहाँ में है और ना होगा मुझसा कोई भी ख़ुशनसीब
तूने मुझको दिल दिया है, मैं हूँ तेरे सबसे करीब

मैं ही तो तेरे दिल में हूँ
मैं ही साँसों में बसूं
तेरे दिल की धड़कनो में मैं ही हूँ, मैं ही हूँ

तू हमसफ़र
तू हमकदम
तू हमनवा मेरा
तू हमसफ़र
तू हमकदम
तू हमनवा मेरा

कब भला अब ये वक़्त गुज़रे कुछ पता चलता ही नही
जबसे मुझको तू मिला है होश भी अपना नही
उफ़ ये तेरी पलकें घनी सी, छाँव इनकी है दिलनशी
अब किसे डर धूप का है, क्यूँ की है ये मुझपे

तेरे बिना ना साँस लूँ
तेरे बिना ना मैं जियूँ
तेरे बिना ना १ पल भी रेह सकूं, रेह सकूं

तू ही हक़ीक़त, खाब तू
दरिया तू ही, प्यास तू
तू ही दिल की बेकरारी
तू सुकूं, तू सुकूं

तू हमसफ़र
तू हमकदम
तू हमनवा मेरा
तू हमसफ़र
तू हमकदम
तू हमनवा मेरा

तू हमसफ़र
तू हमकदम
तू हमनवा मेरा
तू हमसफ़र
तू हमकदम
तू हमनवा मेरा



Credits
Writer(s): Pritam Chakraborty, Sayeed Quadri
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