Ilahi








शामें मलंग सी, रातें सुरंग सी
बागी उड़ान पे ही ना जाने क्यूँ

इलाही मेरा जी आए-आए (ऊ)
इलाही मेरा जी आए-आए (आ)

दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द

दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द

कल पे सवाल है, जीना फ़िलहाल है
खानाबदोशियों पे ही जाने क्यूँ

इलाही मेरा जी आए-आए
इलाही मेरा जी आए-आए (ऊ)

दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द

दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द
दड़म-दम-दम-दम-दम-द

मेरा फलसफा, कंधे पे मेरा बस्ता
चला मैं जहाँ ले चला मुझे रस्ता
बूंदों पे नहीं, गहरे समंदर पे वो

इलाही मेरा जी आए-आए
इलाही मेरा जी आए-आए

शामें मलंग सी, रातें सुरंग सी
बागी उड़ान पे ही ना जाने क्यूँ

इलाही मेरा जी आए-आए
इलाही मेरा जी आए-आए

ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ
ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ
ऊ, आ



Credits
Writer(s): Pritam Chakraborty, Amitabh Bhattacharya
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