Hum Jee Lenge

ये, मेरे दिल का जाना, इक आख़री फ़ैसला है
अब साथ होगा न तेरा, ये दर्द कि इंतेहा है

था प्यार तेरा तो झूठा
सच्चा मग़र ये खुदा है
तन्हाइयों में हूँ रोया
तब जाके मुझको मिला है
दुनिया के रिश्तों में तोह, ये होता ही रहा है
लैला और मजनू भी तोह एक दूसरे से जूदा हैं

तन्हाई का अश्क़ मिटाएँ यहाँ
बरबादियाँ भी सबको जाने मिली हैं कहाँ

तेरे बिना हम ज़ी लेंगे
फिर क्यूँ रहे कोई गीले?
तेरे बिना हम सेह लेंगे
वो ज़ख्म जो तुझ से मिले, आ-हा

है रुत नयी, मौंसम नया
इस दौर में कैसी वफ़ा
भर जायेगी तेरी कमी
मिल जाएगा अब कुछ नया

हाँ, ख़ुश हैं अब हम तोह
तुझसे कहाँ हम खफ़ा है
तूने चुना है वोह रस्ता, तेरे लिये जो बना है
एहसान तेरा मैं मानू तनहा मुझे जो किया हैं
जो प्यार तेरा हैं खोया लगता हैं खुद से मिला मैं

किसको मिला संग उम्र भर का यहाँ
वोह ही रुलाये, दिल चाहें जिसको सदा

तेरे बिना हम ज़ी लेंगे
फिर क्यूँ रहे कोई गीले?
तेरे बिना हम सेह लेंगे
वोह ज़ख्म जो तुझ से मिले

तेरे बिना हम ज़ी लेंगे
फिर क्यूँ रहे कोई गीले?
तेरे बिना हम सेह लेंगे
वोह ज़ख्म जो तुझ से मिले
तेरे बिना हम ज़ी लेंगे



Credits
Writer(s): Sayeed Quadri, Roxen Band
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