Sang Hoon Tere (From "Jannat 2")

तुझे सोचता हूँ मैं शाम-ओ-सुबह
इससे ज़्यादा तुझे और चाहूँ तो क्या?
तेरे ही ख़यालों में डूबा रहा
इससे ज़्यादा तुझे और चाहूँ तो क्या?

बस सारे ग़म में, जानाँ, संग हूँ तेरे
हर इक मौसम में, जानाँ, संग हूँ तेरे
अब इतने इंतेहाँ भी ना ले मेरे

(Aah-aah-aah) संग हूँ तेरे
(Aah-aah-aah) संग हूँ तेरे
(Aah-aah-aah) संग हूँ तेरे
(Aah-aah-aah) संग हूँ तेरे

And it's been a while since I told you, I love you
And it's been a while since I made it for all the times
Did you know I get so busy
And It's been a while

तू मेरा ठिकाना, मेरा आशियाना
ढले शाम जब भी मेरे पास आना
है बाहों में रहना, कभी अब ना जाना
हूँ महफ़ूज इनमें, बुरा है ज़माना

बस साये-ग़म में, जानाँ, संग हूँ तेरे
हर इक मौसम में, जानाँ, संग हूँ तेरे
अब इतने इंतेहाँ भी ना ले मेरे

(Aah-aah-aah) संग हूँ तेरे
(Aah-aah-aah) संग हूँ तेरे
(Aah-aah-aah) संग हूँ तेरे

And it's been a while since I told you, I love you
And it's been a while since I made it for all the times
Did you know I get so busy
And It's been a while



Credits
Writer(s): Chakraborty Pritaam, Quadri Sayeed
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