Tere Liye

तेरे लिए हम हैं जिए, होंठों को सिए
तेरे लिए हम हैं जिए, हर आँसू पिए
दिल में मगर जलते रहे चाहत के दिए
तेरे लिए, तेरे लिए

तेरे लिए हम हैं जिए, हर आँसू पिए
तेरे लिए हम हैं जिए, होंठों को सिए
दिल में मगर जलते रहे चाहत के दिए
तेरे लिए, तेरे लिए

ज़िंदगी लेके आई है बीते दिनों की किताब
ज़िंदगी लेके आई है बीते दिनों की किताब
घेरे हैं अब हमें यादें बेहिसाब
बिन पूछे मिले मुझे कितने सारे जवाब

चाहा था क्या, पाया है क्या हम ने देखिए
दिल में मगर जलते रहे चाहत के दिए
तेरे लिए, तेरे लिए

क्या कहूँ? दुनिया ने किया मुझ से कैसा बैर
क्या कहूँ? दुनिया ने किया मुझ से कैसा बैर
हुकुम था मैं जियूँ, लेकिन तेरे बग़ैर
नादाँ हैं वो, कहते हैं जो मेरे लिए तुम हो ग़ैर

कितने सितम हम पे, सनम, लोगों ने किए
दिल में मगर जलते रहे चाहत के दिए
तेरे लिए, तेरे लिए

तेरे लिए हम हैं जिए, होंठों को सिए
तेरे लिए हम हैं जिए, हर आँसू पिए
दिल में मगर जलते रहे चाहत के दिए
तेरे लिए, तेरे लिए

तेरे लिए, तेरे लिए
तेरे लिए, तेरे लिए



Credits
Writer(s): Akhtar Javed, Madan Mohan
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