Mehki Hawaon Mein

Hey, महकी हवाओं में, चारों दिशाओं में
निकला मैं आज़ाद होके
मंज़िल मेरी जाने कहाँ है
मुझ को नहीं है पता

Hey, महकी हवाओं में, चारों दिशाओं में
निकला मैं आज़ाद होके
मंज़िल मेरी जाने कहाँ है
मुझ को नहीं है पता

दिल कहे, झूम लूँ, आसमाँ चूम लूँ
दिल कहे, झूम लूँ, आसमाँ चूम लूँ

बीते दिन तन्हाई के, मस्ती के पल आए हैं
यारों, इस दीवाने की ख़ुशियाँ वापस लाए हैं
मुझ को उन वीरानों में लौट के जाना नहीं

Hmm, तेरा उनसे भला अब है क्या वास्ता?
जो मिली हर ख़ुशी, दर्द है किस बात का?

बेख़बर हो गया, मैं कहाँ खो गया
बेख़बर हो गया, मैं कहाँ खो गया

हम तो ऐसे पंछी, जो पिंजरे से उड़ जाते हैं
करते अपनी मर्ज़ी की, हाथ किसी के ना आते हैं
हमको सारे ज़माने का दर्द-ओ-ग़म भूल जाना है

Hmm, कोशिशें तेरी सारी हो जाएँगी नाकाम
चैन से ना कटेगी तेरी सुब्ह-ओ-शाम
याद उनकी जब आएगी तो रुलाएगा दिल
अब कभी ना उन्हें भूल पाएगा दिल



Credits
Writer(s): Sameer Anjaan, Wajid Khan, Sajid Khan
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