Pehla Nasha

चाहे तुम कुछ ना कहो मैंने सुन लिया
के साथी प्यार का मुझे चुन लिया
चुन लिया, मैंने सुन लिया

पहला नशा, पहला खुमार
नया प्यार है, नया इंतज़ार
कर लूँ मैं क्या अपना हाल?
ऐ, दिल-ए-बेक़रार
मेरे दिल-ए-बेक़रार, तू ही बता
पहला नशा, पहला खुमार

उड़ता ही फिरूँ इन हवाओं में कहीं
या मैं झूल जाऊँ इन घटाओं में कहीं

उड़ता ही फिरूँ इन हवाओं में कहीं
या मैं झूल जाऊँ इन घटाओं में कहीं
एक कर दूँ आसमाँ और ज़मीं
कहो, यारों, क्या करूँ? क्या नहीं?

पहला नशा, पहला खुमार
नया प्यार है, नया इंतज़ार
कर लूँ मैं क्या अपना हाल?
ऐ, दिल-ए-बेक़रार
मेरे दिल-ए-बेक़रार, तू ही बता
पहला नशा, पहला खुमार

उसने बात की कुछ ऐसे ढंग से
सपने दे गया वो हजारों रंग के

उसने बात की कुछ ऐसे ढंग से
सपने दे गया वो हजारों रंग के
रह जाऊँ जैसे मैं हार के
और चूमे वो मुझे प्यार से

पहला नशा, पहला खुमार
नया प्यार है, नया इंतज़ार
कर लूँ मैं क्या अपना हाल?
ऐ, दिल-ए-बेक़रार
मेरे दिल-ए-बेक़रार



Credits
Writer(s): Jatin Lalit, Majrooh Sultanpuri
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