Tum Bhi Piyo Ham Bhi Piyen

ये शाम, ये काली घटा
ये शाम, ये काली घटा
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ

पूरी हो मौसम की दुआ
पूरी हो मौसम की दुआ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
ये शाम, ये काली घटा
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ

तुमसे भी ख़ुशियाँ दूर हैं
हम भी ग़मों से चूर हैं
तुमसे भी ख़ुशियाँ दूर हैं
हम भी ग़मों से चूर हैं
हम भी ग़मों से चूर हैं

है एक अपना...
है एक अपना रास्ता
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
है एक अपना रास्ता
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ

मिल-बैठ कर पीते चलें
कुछ ज़ख़्म-ए-दिल सीते चलें
मिल-बैठ कर पीते चलें
कुछ ज़ख़्म-ए-दिल सीते चलें
कुछ ज़ख़्म-ए-दिल सीते चलें

फिर कब मिलें...
फिर कब मिलें, किस को पता
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
फिर कब मिलें, किस को पता
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ

इक साथ जी सकते नहीं
इक साथ पी सकते तो हैं

इक साथ जी सकते नहीं
इक साथ पी सकते तो हैं
इक साथ पी सकते तो हैं

ये साथ भी...
ये साथ भी कुछ कम है क्या?
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
ये साथ भी कुछ कम है क्या?
तुम भी पियो, हम भी पिएँ

ये शाम, ये काली घटा
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
पूरी हो मौसम की दुआ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ

तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ
तुम भी पियो, हम भी पिएँ



Credits
Writer(s): Bhupender Singh, Mumtaz Rashid
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