Dilbar Mera

दिलबर मेरा दूर हुआ
मेरे दिल का चैन वो लूट गया
वो ग़म का साया छोड़ गया
इस ग़म के सिवा अब कुछ ना रहा

दिलबर मेरा दूर हुआ
मेरे दिल का चैन वो लूट गया
वो ग़म का साया छोड़ गया
इस ग़म के सिवा अब कुछ ना रहा

आँसू ही थे, आँसू भी अब बह गए
धड़कन कहे, रुक जाऊँ मैं बस अब यहीं

धड़कन कहे, रुक जाऊँ मैं बस अब यहीं
धड़कन कहे, रुक जाऊँ मैं बस अब यहीं

मेरा साया मुझ से रूठ गया
एक सपना था, वो टूट गया
जो अपना था, वो छूट गया
ऐसी क्यों मिली है सज़ा?

मेरा साया मुझ से रूठ गया
एक सपना था, वो टूट गया
जो अपना था, वो छूट गया
ऐसी क्यों मिली है सज़ा?

आँसू ही थे, आँसू भी अब बह गए
धड़कन कहे, रुक जाऊँ मैं बस अब यहीं

वो लम्हे बिखरे दूर कहीं
मायूसी है इस दिल में बसी
बस तनहा हूँ, कोई आस नहीं
एक दर्द भरा आलम है यहाँ

मैं ज़िंदा हूँ, पर होश नहीं
जब दिलबर मेरा साथ नहीं
बस चाहत है, कोई जोश नहीं
मदहोश हूँ अब, क़यामत सही

हो, दिलबर मेरा दूर हुआ
मेरे दिल का चैन वो लूट गया
वो ग़म का साया छोड़ गया
इस ग़म के सिवा अब कुछ ना रहा

दिलबर मेरा दूर हुआ
मेरे दिल का चैन वो लूट गया
वो ग़म का साया छोड़ गया
इस ग़म के सिवा अब कुछ ना रहा



Credits
Writer(s): Dharam Sarthi, Sayeed Quadri, Shyam Ravindran, Hasan Akbar Kamal, Pankaj Awasthi
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