Bekhauff

दीवारें ऊँची हैं, गलियाँ हैं तंग
लंबी डगर है पर हिम्मत है संग
पाँव पे छालें हैं, साँसे बुलंद
लड़ने चली हूँ आज़ादी के जंग

बेख़ौफ़ आज़ाद है जीना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है जीना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे

रीती की ज़ंजीरें खा गई ज़ंग
न्याय के मंदिर भी हो गए भंग
ज़माना चले ना चले मेरे संग
बोलूँगी हल्ला आवाज़ दबंग

बेख़ौफ़ आज़ाद है कहना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है कहना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे

चोटें जिस्म पर मरहम उमंग
लाश नहीं हूँ मन ज़िंदा पतंग
दिल में उम्मीदें और खुशियों के रंग
हर आसूँ बनेगा एक नयी तरंग

हाँ, बेख़ौफ़ आज़ाद है बहना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है बहना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे

दीवारें ऊँची हैं, गलियाँ हैं तंग
लंबी डगर है पर हिम्मत है संग
पाँव पे छालें हैं, साँसे बुलंद
लड़ने चली हूँ आज़ादी के जंग

बेख़ौफ़ आज़ाद है जीना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है जीना मुझे
बेख़ौफ़ आज़ाद है रहना मुझे



Credits
Writer(s): Ram Sampath
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