Raabta (Kehte Hain Khuda Ne)

कहते हैं, "ख़ुदा ने इस जहाँ में सभी के लिए
किसी ना किसी को है बनाया हर किसी के लिए"
तेरा मिलना है उस रब का इशारा
मानो मुझ को बनाया तेरे जैसे ही किसी के लिए

कहते हैं, "ख़ुदा ने इस जहाँ में सभी के लिए
किसी ना किसी को है बनाया हर किसी के लिए"
तेरा मिलना है उस रब का इशारा
मानो मुझ को बनाया तेरे जैसे ही किसी के लिए
कुछ तो है तुझ से राबता
कुछ तो है तुझ से राबता
कैसे हम जानें? हमें क्या पता
कुछ तो है तुझ से राबता

तू हमसफ़र है, फिर क्या फ़िकर है
जीने की वजह यही है, मरना इसी के लिए
कहते हैं, "ख़ुदा ने इस जहाँ में सभी के लिए
किसी ना किसी को है बनाया हर किसी के लिए"

गुज़रता सा लमहा एक दामन भर गया
तेरा नज़ारा मिला, रोशन सितारा मिला
तक़दीर का जैसे कोई इशारा मिला
तक़दीर की कश्तियों को किनारा मिला

सदियों से तरसे हैं जैसे ज़िंदगी के लिए
तेरी सोहबत में दुआएँ हैं उसी के लिए
तेरा मिलना है उस रब का इशारा
मानो मुझ को बनाया तेरे जैसे ही किसी के लिए

कहते हैं, "ख़ुदा ने इस जहाँ में सभी के लिए
किसी ना किसी को है बनाया हर किसी के लिए"
तेरा मिलना है उस रब का इशारा
मानो मुझ को बनाया तेरे जैसे ही किसी के लिए

कुछ तो है तुझ से राबता
कैसे हम जानें? हमें क्या पता
कुछ तो है तुझ से राबता

तू हमसफ़र है, फिर क्या फ़िकर है
जीने की वजह यही है, मरना इसी के लिए
कहते हैं, "ख़ुदा ने इस जहाँ में सभी के लिए
किसी ना किसी को है बनाया हर किसी के लिए"

Don't know why, I feel it inside
Don't know why, I feel it inside



Credits
Writer(s): Amitabh Bhattacharya, Jam8
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