Behti Hawa Sa Tha Woh (From "3 Idiots")

बहती हवा सा था वो
उड़ती पतंग सा था वो
कहाँ गया उसे ढूँढ़ो

बहती हवा सा था वो
उड़ती पतंग सा था वो
कहाँ गया उसे ढूँढ़ो

हमको तो राहें थी चलाती
वो खुद अपनी राह बनाता
गिरता संभलता, मस्ती में चलता था वो
हमको कल की फ़िक्र सताती
वो बस आज का जश्न मनाता
हर लम्हें को खुलके जीता था वो

कहाँ से आया था वो
छू के हमारे दिल को
कहाँ गया उसे ढूँढ़ो

सुलगती धूप में छाँव के जैसा
रेगिस्तान में गाँव के जैसा
मन के घाव पे मरहम जैसा था वो
हम सेहमें से रहते कुए में
वो नदियाँ में गोते लगाता
उल्टी धारा चीर के तैरता था वो

बादल आवारा था वो
यार हमारा था वो
कहाँ गया उसे ढूँढ़ो

हमको तो राहें थी चलाती
वो खुद अपनी राह बनाता
गिरता संभलता, मस्ती में चलता था वो
हमको कल की फ़िक्र सताती
वो बस आज का जश्न मनाता
हर लम्हें को खुलके जीता था वो

कहाँ से आया था वो
छू के हमारे दिल को
कहाँ गया उसे ढूँढ़ो



Credits
Writer(s): Kirkire Swanand, Moitra Shantanu
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