Janib (Female Version)

ਪਾਣੀ ਛੰਨੇ ਵਿੱਚੋਂ ਕਾ ਪੀਤਾ
ਵੇ ਤੇਰੇ ਵਿੱਚੋਂ ਰੱਬ ਦਿਸਦਾ
ਤੈਨੂੰ ਸਜਦਾ ਹੀ ਤਾਂ ਕੀਤਾ

आए-जाए दिल तेरी जानिब
आना-जाना लगता है वाजिब
इश्क़ में तेरे दिल है मुसाफ़िर

भूला धड़कने तेरी ख़ातिर
हैं ये वास्ते तेरे हाज़िर
इश्क़ में तेरे दिल है मुसाफ़िर

नींदे भी ले गए
मुझे यूँ दे गए बेचैनियाँ (बेचैनियाँ)

आए-जाए दिल तेरी जानिब
आना-जाना लगता है वाजिब
दिल मुसाफ़िर है तेरे इश्क़ में

आए-जाए दिल तेरी जानिब
आना-जाना लगता है वाजिब
दिल मुसाफ़िर है तेरे इश्क़ में

दिन धड़कने लगे हैं तुझमें
साँस लेने लगी हैं रातें
कल तलक लफ़्ज़ भी नहीं थे
आज होने लगी हैं बातें

हाँ, दिन धड़कने लगे हैं तुझमें
साँस लेने लगी हैं रातें, हो
कल तलक लफ़्ज़ भी नहीं थे
आज होने लगी हैं बातें

तेरी मैं हो गई
तभी तो खो गई तनहाइयाँ

आए-जाए दिल तेरी जानिब
आना-जाना लगता है वाजिब
दिल मुसाफ़िर है तेरे इश्क़ में

आए-जाए दिल तेरी जानिब
आना-जाना लगता है वाजिब
दिल मुसाफ़िर है तेरे इश्क़ में

बिन तेरे ये जहाँ अब नहीं
तू है जहाँ है रब वहीं
तू है तो हैं मायने मेरे
वरना कोई मेरा मतलब नहीं

हो, बिन तेरे ये जहाँ अब नहीं
तू है जहाँ है रब वहीं
तू है तो हैं मायने मेरे
वरना कोई मेरा मतलब नहीं

यादों में है तू ही
ख़ाबों में हैं तेरी परछाइयाँ

आए-जाए दिल तेरी जानिब
आना-जाना लगता है वाजिब
दिल मुसाफ़िर है तेरे इश्क़ में

आए-जाए दिल तेरी जानिब
आना-जाना लगता है वाजिब
दिल मुसाफ़िर है तेरे इश्क़ में



Credits
Writer(s): Shah Jatinder, Pal Kumar
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