Kya khayal hai

देशब के तू अश्मीर बबाम, मेह्र बबाम
आमादा बूदी, आमादा बूदी
देशब के तू अश्मीर बबाम, मेह्र बबाम
आमादा बूदी, आमादा बूदी

धड़कनों की ताल बाजे साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठे सूरज, चंदा, तारा
धड़कनों की ताल बाजे साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठे सूरज, चंदा, तारा
चलो बांट लें हम ज़िंदगी जरा आज यूँ कर लें
कहो, क्या ख्याल है?

एक जहां छोटा सा अपना, एक जहां तुम्हारा
मुस्कान चाहे मीठी हो या आँसू एक खारा
चलो बांट लें ग़म और खुशी, थोड़ी ग़ुफ़्तगू कर लें
कहो, क्या ख्याल है?

आप से दो बातें करने
यादों को ज़ेबों में भरने
आये हैं हम कुछ दिनों के बाद
यारों की शोहबत में आ के
धीरे से कुछ गुनगुना के
यूँ ही कट जाते हैं दिन और रात

मुट्ठी में तुम भींच लाना सावन हरा
एक धनक तुम भी तोड़ लाना फ़लक से ज़रा
भट्टी-भट्टी बांट लेंगे किरणों का कतरा
एक सिक्का धूप हमसे लेना 'गर कम लगा

बेतुक ही बेमतलब हँस लें हम
क्यूँ ना इस लम्हें में हाँ जी लें हम?
चलो बांट लें हम ज़िंदगी ज़रा आज यूँ कर लें
कहो, क्या ख्याल है?

धड़कनों की ताल बाजे साँसों का एक तारा
आँगन में सजाये बैठे सूरज, चंदा, तारा
चलो बांट लें हम ज़िंदगी ज़रा आज यूँ कर लें
कहो, क्या ख्याल है?

आप से दो बातें करने
यादों को ज़ेबों में भरने
आये हैं हम कुछ दिनों के बाद
यारों की शोहबत में आ के
धीरे से कुछ गुनगुना के
यूँ ही कट जाते हैं दिन और रात

देशब के तू अश्मीर बबाम, मेह्र बबाम
आमादा बूदी, आमादा बूदी
(देशब के तू अश्मीर बबाम) मेह्र बबाम
आमादा बूदी, आमादा बूदी



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