Tu Chahiye (From "Bajrangi Bhaijaan")

हाल-ए-दिल को सुकून चाहिए
पूरी इक आरज़ू चाहिए
जैसे पहले कभी कुछ भी चाहा नहीं
वैसे ही क्यूँ चाहिए?

दिल को तेरी
मौजूदगी का एहसास यूँ चाहिए
तू चाहिए, तू चाहिए
शाम-ओ-सुबह तू चाहिए
तू चाहिए, तू चाहिए
हर मर्तबा तू चाहिए

जितनी दफ़ा, ज़िद हो मेरी
उतनी दफ़ा, हाँ तू चाहिए

कोई और दूजा क्यूँ मुझे
ना तेरे सिवा चाहिए
हर सफर में मुझे
तू ही रहनुमा चाहिए
जीने को बस मुझे
तू ही मेहरमा चाहिए

हो, सीने में अगर तू दर्द है
ना कोई दवा चाहिए
तू लहू की तरह
रगों में रवां चाहिए
अंजाम जो चाहे मेरा
हो आगाज़ यूँ चाहिए

तू चाहिए, तू चाहिए
शाम-ओ-सुबह तू चाहिए
तू चाहिए, तू चाहिए
हर मर्तबा तू चाहिए

जितनी दफ़ा, ज़िद हो मेरी
उतनी दफ़ा, हाँ तू चाहिए

मेरे ज़ख्मों को तेरी छुअन चाहिए
मेरे शम्मा को तेरी अगन चाहिए
मेरे ख्वाब के आशियाने में तू चाहिए
मैं खोलूं जो आँखें सिरहाने भी तू चाहिए



Credits
Writer(s): Pritaam Chakraborty, Amitabh Bhattacharya
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