Salaam Aaya

दबी-दबी साँसों में सुना था मैंने
बोले बिना मेरा नाम आया
पलकें झुकी और उठने लगीं तो
हौले से उसका सलाम आया

Hmm, दबी-दबी साँसों में सुना था मैंने
बोले बिना मेरा नाम आया
पलकें झुकी और उठने लगीं तो
हौले से उसका सलाम आया

जब बोले, वो जब बोले
उसकी आँख में रब बोले
जब बोले, वो जब बोले
उसकी आँख में रब बोले

पास-पास ही रहना तुम
आँख-आँख में कहना तुम
देखा तुम्हें तो आराम आया

दबी-दबी साँसों में सुना था मैंने
बोले बिना मेरा नाम आया
पलकें झुकी और उठने लगीं तो
हौले से उसका सलाम आया

रोज़ ही दिल की आग उठाकर
हाथ पे लेकर चलना है
तेरे बिना, बिना तेरे बूँद-बूँद
अब रात-रात भर जलना है

तू मिले, ना मिले, ये हसीं सिलसिले
वक़्त के सख़्त हैं, अब ये कटते नहीं

हाँ, तेरे बिना साँस भी चलती है
तेरे बिना दिल भी धड़कता है
याद नहीं था, याद आया

दबी-दबी साँसों में सुना था मैंने
बोले बिना मेरा नाम आया

दिन की तरह तुम सर पे आना
शाम के जैसे ढलना तुम
ख़ाब बिछा रखे हैं राह में
सोच-समझकर चलना तुम

नींद की छाँव से, तुम दबे पाँव से
यूँ गए वो निशाँ, अब तो मिटते नहीं

तेरे लिए चाँद भी रुकता है
तेरे लिए ओस ठहरती है
याद नहीं था, याद आया

दबी-दबी साँसों में सुना था मैंने
बोले बिना मेरा नाम आया
पलकें झुकी और उठने लगीं तो
हौले से उसका सलाम आया

सलाम आया, सलाम आया
सलाम आया, सलाम आया
सलाम आया, सलाम आया
सलाम आया, सलाम आया



Credits
Writer(s): Gulzar, Wajid Khan
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