Zid

चाहूँ तुझे ख़ुद से सिवा
मुझसे ज़्यादा तू है मेरा
दिल की ये ज़िद भी है
होके रहे तू भी मेरा

आ, मैं हो जाऊँ तू, नज़रें मिला
मैं तुझको नज़र आऊँ तुझमें भी

चाहूँ तुझे ख़ुद से सिवा
मुझसे ज़्यादा तू है मेरा
दिल की ये ज़िद भी है
होके रहे तू भी मेरा

मेरा है तू, बस है मेरा
कहीं भी जा, मुझमें ही आ
पत्थर हूँ मैं, आ तोड़ के
तू आईना बना मुझे ज़रा

ओ, चाहूँ तुझे ख़ुद से सिवा
मुझसे ज़्यादा तू है मेरा
दिल की ये ज़िद भी है
होके रहे तू भी मेरा

आएगा जो अपने दरमियाँ
गिर पड़ेगा उस पे आसमाँ, हाँ, हाँ रे, हाँ
आ, करें गुनाह चल कहीं
हम कोई फ़रिश्ता तो नहीं, ना, ना रे, ना

क्यूँ ना हो जाएँ संग
हम ख़ुद ही में ख़तम

चाहूँ तुझे ख़ुद से सिवा
मुझसे ज़्यादा तू है मेरा
दिल की ये ज़िद भी है
होके रहे तू भी मेरा



Credits
Writer(s): Sharib Sabri, Toshi Sabri, Shakeel Azmi
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