Aur Kya (From "Phir Bhi Dil Hai Hindustani")

तुम आये तो हवाओं में एक नशा है
तुम आये तो फिज़ाओं में रंग सा है
ये रंग सारे है बस तुम्हारे
और क्या और क्या और क्या
और क्या और क्या और क्या
तुम आये तो हवाओं में एक नशा है
तुम आये तो फिज़ाओं में रंग सा है
ये रंग सारे है बस तुम्हारे
और क्या और क्या और क्या

तुम आये हो तो देख लो
नया नया सा लगे ये जहां
हसीं-हसीं है ये ज़मीं
धुला-धुला सा है ये आसमां
तुम हो तो है ये समा
और क्या और क्या
और क्या और क्या

धड़क रहा है दिल मेरा
झुकी-झुकी हैं पलकें यहाँ हो
जो दिल में हो वो कह भी दो
रुकी-रुकी सी है ये दास्तां
जज़्बात माँगे ज़बां
और क्या और क्या
और क्या और क्या
तुम आये तो हवाओं में एक नशा है
तुम आये तो फिज़ाओं में रंग सा है
ये रंग सारे है बस तुम्हारे
और क्या और क्या और क्या
और क्या और क्या और क्या



Credits
Writer(s): Lalitraj Pratapnarayan Lalit, Jatin Pandit, Javed Akhtar
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