Zeehale Muskin - From "Ghulami"

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन ब-रंजिश
ब-हाल-ए-हिज्राँ बेचारा दिल है

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन ब-रंजिश
ब-हाल-ए-हिज्राँ बेचारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है

वो आके पहलू में ऐसे बैठे
वो आके पहलू में ऐसे बैठे
कि शाम रंगीन हो गई है
कि शाम रंगीन हो गई है
कि शाम रंगीन हो गई है

ज़रा-ज़रा सी खिली तबीयत
ज़रा सी ग़मगीन हो गई है
ज़रा-ज़रा सी खिली तबीयत
ज़रा सी ग़मगीन हो गई है

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन ब-रंजिश
ब-हाल-ए-हिज्राँ बेचारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है
अजीब हैं दिल के दर्द
अजीब हैं दिल के दर्द, यारों
ना हों तो मुश्किल है जीना इसका
ना हों तो मुश्किल है जीना इसका

जो हों तो हर दर्द एक हीरा
हर एक ग़म है नगीना इसका
जो हों तो हर दर्द एक हीरा
हर एक ग़म है नगीना इसका

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन ब-रंजिश
ब-हाल-ए-हिज्राँ बेचारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है
कभी-कभी शाम ऐसे ढलती है
जैसे घूँघट उतर रहा है, उतर रहा है
कभी-कभी शाम ऐसे ढलती है
जैसे घूँघट उतर रहा है

तुम्हारे सीने से उठता धुआँ
हमारे दिल से गुज़र रहा है
तुम्हारे सीने से उठता धुआँ
हमारे दिल से गुज़र रहा है

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन ब-रंजिश
ब-हाल-ए-हिज्राँ बेचारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है
ये शर्म है या हया है? क्या है?
नज़र उठाते ही झुक गई है
नज़र उठाते ही झुक गई है

तुम्हारी पलकों से गिर के शबनम
हमारी आँखों में रुक गई है
तुम्हारी पलकों से गिर के शबनम
हमारी आँखों में रुक गई है

ज़े-हाल-ए-मिस्कीं मकुन ब-रंजिश
ब-हाल-ए-हिज्राँ बेचारा दिल है
हो, सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है



Credits
Writer(s): Laxmikant Pyarelal, Gulzar
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