Lag Ja Gale Se Phir - From "Woh Kaun Thi"

लग जा गले हम्म...
हसीं रात हम्म...
लग जा गले कि फिर हस्सीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले कि फिर ये हस्सीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले...

हमको मिली हैं आज, ये घड़ियाँ नसीब से
हमको मिली हैं आज, ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये हमको क़रीब से
फिर आपके नसीब में ये बात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले...

पास आइये कि हम नहीं आएंगे बार-बार
पास आइये कि हम नहीं आएंगे बार-बार
बाहें गले में डाल के हम रो लें ज़ार-ज़ार
आँखों से फिर ये प्यार कि बरसात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले कि फिर ये हस्सीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले...



Credits
Writer(s): Madan Mohan, Raja Mehdi Ali Khan
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