Jhute Ilzaam

कौन किसको यहाँ भला समझा?
हमने क्या समझा, तुमने क्या समझा
बेवफ़ा हमने तुमको समझा, सनम
तुमने हमको ही बेवफ़ा समझा

झूठे इल्ज़ाम, मेरी जान, लगाया ना करो
झूठे इल्ज़ाम, मेरी जान, लगाया ना करो
दिल है नाज़ुक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो
झूठे इल्ज़ाम, मेरी जान, लगाया ना करो
दिल है नाज़ुक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो
झूठे इल्ज़ाम...

मेरी आँखों में जो अच्छे नहीं लगते आँसू
मेरी आँखों में जो अच्छे नहीं लगते आँसू

तो जलाया ना करो, मुझ को सताया ना करो
तो जलाया ना करो, मुझ को सताया ना करो
दिल है नाज़ुक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो
झूठे इल्ज़ाम...

तुम किसी और की क़िस्मत में हो, तुम मेरे नहीं
तुम किसी और की क़िस्मत में हो, तुम मेरे नहीं

ये अगर सच भी है तो मुझ को बताया ना करो
ये अगर सच भी है तो मुझ को बताया ना करो
दिल है नाज़ुक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो
झूठे इल्ज़ाम...

या तो ताबीर बताओ मेरे सब ख़ाबों की
या तो ताबीर बताओ मेरे सब ख़ाबों की

या कोई ख़ाब इन आँखों को दिखाया ना करो
या कोई ख़ाब इन आँखों को दिखाया ना करो
दिल है नाज़ुक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो
झूठे इल्ज़ाम...

अभी आए हो, अभी बैठे, अभी जाते हो
अभी आए हो, अभी बैठे, अभी जाते हो

सिर्फ़ एक रस्म निभाने को तो आया ना करो
सिर्फ़ एक रस्म निभाने को तो आया ना करो
दिल है नाज़ुक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो
झूठे इल्ज़ाम, मेरी जान, लगाया ना करो
दिल है नाज़ुक, इसे तुम ऐसे दुखाया ना करो

झूठे इल्ज़ाम...



Credits
Writer(s): Javed Akhtar
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