Main To Beghar Hoon

कहाँ ले जाऊँ? कहाँ जाना है?
अरे, कुछ अता-पता, कोई ठिकाना है?

क्या तुमको सुनाऊँ मैं अपना फ़साना, हाए
क्या तुमको सुनाऊँ मैं अपना फ़साना
ना कोई मेरा घर है, ना कोई ठिकाना (फिर?)

मैं तो बेघर हूँ, अपने घर ले चलो
घर में हो मुश्किल तो दफ़्तर ले चलो
मैं तो बेघर हूँ, अपने घर ले चलो
घर में हो मुश्किल तो दफ़्तर ले चलो

Ayy, stop it
Come along

दफ़्तर में छुट्टी हो तो मत होना ग़म से बोझल
दफ़्तर में छुट्टी हो तो मत होना ग़म से बोझल
रुक जाना रस्ते में जब भी आए कोई hotel

Hotel, क्या?
तुम्हारा दिमाग़ ख़राब तो नहीं हो गया? हैं?

Hotel नहीं हो तो picture ले चलो
मैं तो बेघर हूँ, अपने घर ले चलो
घर में हो मुश्किल तो दफ़्तर ले चलो
मैं तो बेघर हूँ...

Picture में बदनामी हो तो बैठो motor car में
Picture में बदनामी हो तो बैठो motor car में
सैर करेंगे सड़कों पे जैसे दो प्रेमी प्यार में

(अरे-रे-रे, क्या कर रही हो?)
(लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे? हाँ?)

तो मुझसे कर लो शादी और मंदिर ले चलो
मैं तो बेघर हूँ, अपने घर ले चलो
घर में हो मुश्किल तो दफ़्तर ले चलो
मैं तो बेघर हूँ...

ऐसा लगता है, शायद मेरा ठिकाना आ गया
ऐसा लगता है कि मेरा ठिकाना आ गया
ना घर आया, ना दफ़्तर आया, ये तो hostel आ गया (ए...)

रस्ते में ना छोड़ो जी, घर में ले चलो
मैं तो बेघर हूँ, अपने घर ले चलो
घर में हो मुश्किल तो दफ़्तर ले चलो
मैं तो बेघर हूँ, अपने घर ले चलो
घर में हो मुश्किल तो दफ़्तर ले चलो
मैं तो...



Credits
Writer(s): Anand Bakshi, Kudalkar Laxmikant, Pyarelal Ramprasad Sharma
Lyrics powered by www.musixmatch.com

Link