Hey Aasmaan

ऐ आसमाँ, ऐ वादियाँ
जन्नत में खोए देखो हम-तुम यहाँ
प्यार यहाँ ढ़लता कहाँ?
बहती धाराएँ देखो करतीं बयाँ

ख़ामोशियों ने खींची लकीरें
जिनके अंदर में सिमटा अपना जहाँ

जब भी अँधेरा फैलेगा गहरा
खिलती हुई आई नई सुबह
मानो ना

ऐ आसमाँ, ऐ वादियाँ
जन्नत में खोए देखो हम-तुम यहाँ
प्यार यहाँ ढ़लता कहाँ?
बहती धाराएँ देखो करतीं बयाँ

ख़ामोशियों ने खींची लकीरें
जिनके अंदर में सिमटा अपना जहाँ

जब भी अँधेरा फैलेगा गहरा
खिलती हुई आई नई सुबह



Credits
Writer(s): G.v.prakash Kumar, Vishal Chandrashekhar
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