Pyaar Ke Liye

कभी सोचा है क्या?
कभी सोचा है क्या?
बारिश क्यूँ भाए?
क्यूँ गीत बेवज़ह होंठों पे आए?
क्यूँ अच्छी लगे तलवों में लहरें?
क्यूँ भटके कदम? एक पल ना ठहरे

ये सब इशारे हैं, संग जो हमारे हैं
दिल ने सँवारे हैं प्यार के लिए

दिल की शाखों पे डलते हैं क्यूँ झूले?
ख़ुशबू क्यूँ किसी की साँसों को ना भूले?
होंठ थरथराते क्यूँ? पर ना बताते क्यूँ?
उनकी ना-नुकूर भी है प्यार के लिए

कभी सोचा है क्या?
कभी सोचा है क्या?
बारिश क्यूँ भाए?
क्यूँ गीत बेवज़ह होंठों पे गाए?

ये सब इशारे हैं, संग जो हमारे हैं
दिल ने सँवारे हैं प्यार के लिए

ऐसा क्यूँ ले है जैसे कुछ अधूरा?
वो चाँद है मुकम्मल, क्यूँ ना लगता पूरा?
आँखों की सीपी में ख़्वाबों के मोती हैं
मोती तरसते हैं प्यार के लिए

कभी सोचा है क्या?
कभी सोचा है क्या?
बारिश क्यूँ भाए?
क्यूँ गीत बेवज़ह होंठों पे आए?

ये सब इशारे हैं, संग जो हमारे हैं
दिल ने सँवारे हैं प्यार के लिए



Credits
Writer(s): Anand Bakshi, Lalitraj Pandit, Pandit Jatin
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