O Saathi Re (From "Muqaddar Ka Sikandar")

ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना

फूलों में, कलियों में
सपनों की गलियों में
फूलों में, कलियों में
सपनों की गलियों में
तेरे बिना कुछ कही ना

तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना

जाने कैसे अंजाने ही
आन बसा कोई प्यासे मन में
अपना सब कुछ खो बैठे हम
पागल मन के पागलपन में

दिल के अफ़साने
दिल के अफ़साने
मैं जानू तू जाने
और ये जाने कोई ना

तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना

हर धड़कन में प्यास है तेरी
साँसों में तेरी खुशबू है
इस धरती से उस अंबर तक
मेरी नजर में तू ही तू है

प्यार ये टूटे ना
प्यार ये टूटे ना
तू मुझसे रूठे ना
साथ ये छूटे, कभी ना

तेरे बिना भी क्या जीना
साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना

तुझ बिन जोगन मेरी रातें
तुझ बिन मेरे दिन बंजारे
मेरा जीवन जलती धूनी
बुझे बुझे मेरे सपने सारे

तेरे बिना मेरी
तेरे बिना मेरी
मेरे बिना तेरी
ये जिन्दगी, जिन्दगी ना

तेरे बिना भी क्या जीना
ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना

तेरे बिना भी क्या जीना
तेरे बिना भी क्या जीना



Credits
Writer(s): Bally Sagoo, Anandji Kalyanji, Anjaan
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