Jaane Kahan

जाने कहाँ ले के जाए ज़िन्दगी
कैसे ख्वाब दिखाए ज़िन्दगी?

बन के तेरा हमसफ़र
मैं चला जाने किधर
ज़िन्दगी, ओ ज़िन्दगी
क्या-क्या रंग दिखाए ज़िन्दगी

हाँ, जाने कहाँ लेके जाए ज़िन्दगी

अभी-अभी चलते-चलते ऐसा लगा हैं
अभी-अभी तूने मुझसे कुछ तो कहा हैं
हो, मेरे हर क़दम पर तूने खुशियाँ बिछा दी
चाहा था जो कुछ मैंने सब मिल गया हैं

कोई शिकवा ही नहीं
कुछ शिकायत भी नहीं
ज़िन्दगी, ओ ज़िन्दगी
इतने फूल खिलाए ज़िन्दगी

हाँ-हाँ, जाने कहाँ लेके जाए ज़िन्दगी

दिल मेरा लाया मुझको दिल के शहर में
हाँ, तारें बिछे हैं जैसे हर रहगुज़र में
हो, खुशियाँ हुई हैं मुझ पर इतनी मेहरबाँ
रहता हूँ जैसे अब तो खुशियों के घर में

इस शहर को हैं सलाम
रहगुज़र को हैं सलाम
ज़िन्दगी, ओ ज़िन्दगी
दिल के साज़ सुनाए ज़िन्दगी

जाने कहाँ लेके जाए ज़िन्दगी

बन के तेरा हमसफ़र
मैं चला जाने किधर
ज़िन्दगी, ओ ज़िन्दगी



Credits
Writer(s): Sajid Wajid, Jalees Rashid
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