Aayat Bane Hum

तेरी ख़ता है, हूँ मैं बेक़रार
ख़ुद से ही मैं हारी हूँ, यार
रब रूठा है यूँ, रोऊँ मैं ज़ार-ज़ार

इश्क़ हवा में घुले, धीरे से लब ये कहें
दो रास्ते मिल जाएँ मन चाहे
दो दिल सही, धड़कन एक हो जाए
दोबारा से पल ये हमें बहलाए, कैसे ये मंज़र छाए?

नज़राने तेरे सूफ़ी लगे हैं, ज़ालिम ये मौसम
नज़रें ये तेरी ज़ाहिर करें कि आयत बने हम
नज़राने तेरे सूफ़ी लगे हैं, ज़ालिम ये मौसम
नज़रें ये तेरी ज़ाहिर करें हैं, आयत बने हम

अजनबी होके भी तू मेरे दिल के
पास रहा है, हाय
अजनबी बनके जो ख़्वाब दिखाया
इतर जो घोला, हाय

ना है आवाज़, पर है तेरी साँस
कैसे पहचानें? तुझ पे है नक़ाब
लागे तोहफ़े तेरे प्यारे, लाएँ तेरी खुशबू सारे
शाम और सुबह दिल ये चाहे
हमदम, ये पल बस थम जाए

नज़राने तेरे सूफ़ी लगे हैं, ज़ालिम ये मौसम
नज़रें ये तेरी ज़ाहिर करें हैं आयत बने हम
नज़राने तेरे सूफ़ी लगे हैं, ज़ालिम ये मौसम
नज़रें ये तेरी ज़ाहिर करें कि आयत बने हम

वादा था कि होंगे हम साथ
सोचा था कि छोड़ेंगे ना हाथ

बातें तेरी मैंने मानी
खुद से कर गई मैं बेईमानी
इस अंजाम से अनजानी
हर पल, हर दिन लागे सूनी

नज़राने तेरे सूफ़ी लगे थे, ज़ालिम था मौसम
नज़रें वो तेरी ना समझे कोई, आयत ना थे हम
नज़राने तेरे सूफ़ी लगे हैं, ज़ालिम ये मौसम
नज़रें ये तेरी ज़ाहिर करें कि आयत बने हम



Credits
Writer(s): Aditya Iyengar, Mickey J Meyer
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