Do Nishaniyan, Pt. 1

एक डोर से बंधी कैसी दो कहानियाँ?
एक तार से जुड़ गई कैसे ये दो ज़िंदगानियाँ?
इस phone के साज़ पर मेरी आवाज़ भर
मुझ पे हँसती हैं ख़ामोशियाँ

मेरे चेहरे की दो निशानियाँ
मेरे चेहरे की दो निशानियाँ
मेरे चेहरे की दो निशानियाँ
मेरे चेहरे की दो निशानियाँ

किस की नवाज़िश हुई रुखी सी ज़िंदगी पर?
हल्की सी बारिश हुई सुखी सी ज़िंदगी पर
है ख़ौफ़ कि ना चुरा ले कोई कल
मेरे आसमाँ से ये चोरी के बादल

चुराए से मेहरबानियाँ
मेरे चेहरे की दो निशानियाँ

माना कि नाज़िल नहीं होना था ये फ़रिश्ता
माना कि हासिल ना होना था हमको ये रिश्ता
लगे ख़ूबसूरत मुझे अब ख़ुदा तू
फ़रिश्ते से मेरे ना करना जुदा तू

मिटा दे ये बदगुमानियाँ
मेरे चेहरे की दो निशानियाँ

एक डोर से बंधी कैसी दो कहानियाँ?
एक तार से जुड़ गई कैसे ये दो ज़िंदगानियाँ?
इस phone के साज़ पर मेरी आवाज़ भर
मुझ पे हँसती हैं ख़ामोशियाँ

मेरे चेहरे की दो निशानियाँ
मेरे चेहरे की दो निशानियाँ
मेरे चेहरे की दो निशानियाँ
...दो निशानियाँ



Credits
Writer(s): Abbas Tyrewala, A R Rahman
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